THE HIMALAYAN TALK: PALASH BISWAS TALKS AGAINST CASTEIST HEGEMONY IN SOUTH ASIA

THE HIMALAYAN TALK: PALASH BISWAS TALKS AGAINST CASTEIST HEGEMONY IN SOUTH ASIA INDIA AGAINST ITS OWN INDIGENOUS PEOPLES

PalahBiswas On Unique Identity No1.mpg

Tuesday, April 3, 2012

डायनासोर के लिए सबसे बड़ा खतरा थी जंगल की आग

डायनासोर के लिए सबसे बड़ा खतरा थी जंगल की आग

uesday, 03 April 2012 17:34

वॉशिंगटन, तीन अप्रैल (एजेंसी) वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि करोड़ों साल पहले धरती पर मौजूद रहे डायनासोर के लिए सिर्फ शिकारी ही नहीं बल्कि जंगल में अक्सर  लगने वाली आग भी एक बड़ा खतरा था । 
जीवाश्म रिकॉर्ड में चारकोल यानी लकड़ी के कोयले की मात्रा का विश्लेषण करने वाले वैज्ञानिकों ने पाया कि 14.5 और 6.5 करोड़ साल की अवधि के बीच के 'क्रिटेसियस पीरियड' के दौरान जंगलों में इतनी आग लगती थी जितना इंसानों ने सोचा भी नहीं था ।
शोधकर्ताओं ने उक्त अवधि के दौरान के चारकोल का एक वैश्विक डेटाबेस तैयार कर लिया । 

'लाइव साइंस' में लंदन की रॉयल हॉलोवे यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और प्रमुख शोधकर्ता एंड्रयू स्कॉट के हवाले से कहा गया ''चारकोल उन पेड़ों के अवशेष हैं जो जल चुके थे और इन्हें जीवाश्म रिकॉर्ड में आसानी से सहेज लिया गया ।''
वैज्ञानिकों ने कहा कि जंगल में लगने वाली आग की कई वजहें हो सकती हैं । वायुमंडल में ग्रीनहाउस प्रभाव के कारण उस वक्त तापमान भी बहुत अधिक होता था । आॅक्सीजन की अत्यधिक मात्रा से प्राचीन वायुमंडल भी भरा होता था और इससे आग को भड़कने में मदद मिलती है ।

No comments:

Post a Comment

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...