THE HIMALAYAN TALK: PALASH BISWAS TALKS AGAINST CASTEIST HEGEMONY IN SOUTH ASIA

THE HIMALAYAN TALK: PALASH BISWAS TALKS AGAINST CASTEIST HEGEMONY IN SOUTH ASIA INDIA AGAINST ITS OWN INDIGENOUS PEOPLES

PalahBiswas On Unique Identity No1.mpg

Tuesday, February 21, 2012

आचार संहिता मु्द्दे पर नया विवाद

आचार संहिता मु्द्दे पर नया विवाद

Wednesday, 22 February 2012 09:34

नयी दिल्ली, 21 फरवरी (एजेंसी) चुनाव आयोग के अधिकारों में कटौती किए जाने की खबरों पर आज नया विवाद शुरू हो गया हालांकि सरकार ने इस रिपोर्ट को  '' पूर्णत: शरारती'' बताया लेकिन उसने यह भी कहा कि अगर राजनीतिक दल चाहेंगे तो चुनाव सुधारों के तहत इस पर विचार किया जा सकता है। 
भ्रष्टाचार पर गठित मंत्रियों के समूह में शामिल प्रणव मुखर्जी, कपिल सिब्बल और सलमान खुर्शीद के साथ ही कार्मिक विभाग ने भी इस बात से इंकार किया कि आदर्श आचार संहिता को वैधानिक दर्जा देकर चुनाव आयोग के अधिकारों में कटौती का कोई प्रस्ताव है।
कार्मिक विभाग ने एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा कि रिपोर्ट की सामग्री पूर्णतया शरारती है और सरकार या मंत्रियों का समूह ऐसे किसी प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रहा।
कार्मिक विभाग उस खबर पर प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहा था जिसमें कहा गया था कि भ्रष्टाचार पर मंत्रियों के समूह की कल होने वाली बैठक में इस प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा। ऐसा करने पर इसे लागू करने का अधिकार चुनाव आयोग से हटकर अदालतों के पास चला जाएगा।
विभाग ने कहा कि मंत्रियों के समूह ने ऐसी कोई सिफारिश नहीं की है कि आचार संहिता को वैधानिक बनाया जाए या इसे आयोग के दायरे से बाहर किया जाए। 
मंत्रियों के समूह के लिए कार्मिक विभाग के एक नोट में इस मुद्दे का जिक्र किया गया है। इसमें कहा गया है कि विधायी विभाग उन पहलुओं पर विचार कर सकता है जहां चुनाव आयोग के ''प्रशासनिक निर्देशों '' को वैधानिक रूप देने की जरूरत है।
इसमें कहा गया कि मंत्रियों के समूह के अध्यक्ष वित्त मंत्री मुखर्जी का मानना था कि विकास परियोजनाओं में व्यवधान डालने के लिए आदर्श आचार संहिता भी एक प्रमुख बहाना है। इसके साथ ही मुखर्जी मुद्दे को एजेंडा पत्र में शामिल करने और इस मुद्दे को उठाने के कानून मंत्रालय के अनुरोध पर सहमत थे। 
हालांकि मुखर्जी ने कहा, '' ऐसी कोई बात नहीं है। मुझे नहीं मालूम कि यह विचार कहां से आ गया। लेकिन मंत्रियों के समूह के एजेंडा में ऐसा कुछ नहीं है।''

खुर्शीद ने कहा कि एजेंडा में ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है। '' जहां तक मैं समझता हूं, यह सहमति हुयी कि चुनाव पूरा होने के बाद चुनाव सुधारों पर सर्वदलीय विचार विमर्श होगा।'' उन्होंने कहा कि कई सुधारों के बारे में आयोग ने खुद ही प्रस्ताव किया है।
उन्होंने कहा कि सर्वदलीय बैठक के मसौदा एजेंडा में चुनाव आयोग द्वारा जारी निर्देशों को संवैधानिक दर्जा देने का मुद्दा शामिल नहीं है। लेकिन चर्चा के दौरान अगर कोई राजनीतिक दल इसे उठाता है तो इस पर चर्चा हो सकती है। 
मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने लखनउच्च् में कहा कि उन्हें बैठक के एजेंडा के बारे में जानकारी नहीं है। सिब्बल ने कहा ''मैं सम्बन्धित मंत्रिसमूह में शामिल हूं लेकिन मुझे बैठक के एजेंडा के बारे में जानकारी नहीं है। अक्सर ऐसा होता है कि अधिकारी कुछ प्रस्ताव तैयार करते हैं, कभी हम उन पर विचार करते हैं तो कभी हम उसे खारिज भी कर देते हैं। ''
कांग्रेस की आलोचना करते हुए भाजपा ने आज आरोप लगाया कि उसके कई नेता आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे हैं। राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरूण जेटली ने कहा कि स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव संविधान के मूल ढांचे का हिस्सा है।
माकपा नेता बृंदा करात ने भी कांगे्रस की आलोचना की और आरोप लगाया कि वह अपने नेताओं द्वारा आचार संहिता का उल्लंघन किए जाने से ध्यान हटाने का प्रयास कर रही है।
भ्रष्टाचार पर मंत्रियों के समूह द्वारा आदर्श आचार संहिता को वैधानिक दर्जा दिए जाने के प्रस्ताव पर विचार किए जाने की रिपोर्ट पर मुख्य चुनाव आयुक्त एस वाई कुरैशी ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि यह आयोग के अधिकारों में कटौती का प्रयास है। 
उन्होंने कहा कि एक बार अदालत को यह तय करने का अधिकार मिल जाएगा कि किसी नेता ने आचार संहिता का उल्लंघन किया है, तो मामला कई साल तक चलता रहेगा और दोषी सत्ता का सुख उठाता रहेगा।

No comments:

Post a Comment

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...