THE HIMALAYAN TALK: PALASH BISWAS TALKS AGAINST CASTEIST HEGEMONY IN SOUTH ASIA

THE HIMALAYAN TALK: PALASH BISWAS TALKS AGAINST CASTEIST HEGEMONY IN SOUTH ASIA INDIA AGAINST ITS OWN INDIGENOUS PEOPLES

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Friday, February 17, 2012

जयललिता ने किया एनसीटीसी का विरोध

Friday, 17 February 2012 19:17

चेन्नई, 17 फरवरी (एजेंसी) राष्ट्रीय आतंकवाद रोधी केंद्र :एनसीटीसी: के खिलाफ तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता ने आज कहा कि इस प्रस्तावित केंद्र में कई 'कमियां ' हैं और इसमें मौजूद प्रावधान राज्यों के जायज अधिकारों को दबाने वाले हैं। जयललिता ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को लिखे एक पत्र में कहा है कि वह अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों की चिंता से इत्तेफाक रखती हैं, जिन्होंने भारत सरकार के कुछ मंत्रियों के रवैये के खिलाफ ऐतराज जताया है क्योंकि वे राज्यों से परामर्श किए बगैर मनमर्जी से काम करते हैं।
प्रधानमंत्री को जयललिता ने ऐसे दिन यह संदेश भेजा है, जब एक मार्च से एनसीटीसी स्थापित करने के केंद्र के कदम को संप्रग के सहयोगी दल तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख एवं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तथा ओड़िशा के मुख्यमंत्री 

नवीन पटनायक के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। 
गिरफ्तार करने की शक्ति, तलाशी लेने और अंतरराज्यीय खुफिया सहयोग टीम का गठन जैसे एनसीटीसी के कुछ खास प्रावधानों पर जयललिता ने सख्त आपत्ति जताई है।  
उन्होंने कहा कि गिरफ्तार करने और जब्त करने की जो शक्ति गृहमंत्रालय के संयुक्त सचिव, राज्यों में गृह विभाग के सचिव में निहित है, उसे एनसीटीसी में आईबी को हस्तांतरित करने की बात की गई है। 
जयललिता ने कहा कि यह बहुत आपत्तिजनक है और इसका दुरूपयोग हो सकता है।  
उन्होंने कहा कि जन व्यवस्था और पुलिस भारतीय संविधान की राज्य सूची में है।
उन्होंने कहा कि यह उम्मीद करना बेमानी है कि जब एनसीटीसी जैसे किसी तंत्र की स्थापना के लिए एक बड़ा कदम उठाया जाने वाला हो, तब राज्यों को विश्वास में लिया जाना चाहिए था?

 

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