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Friday, February 17, 2012

मुगल दरबारियों के वंशजों का सम्पत्ति विवाद अदालत पहुंचा

मुगल दरबारियों के वंशजों का सम्पत्ति विवाद अदालत पहुंचा

Thursday, 16 February 2012 15:37

नयी दिल्ली, 15 फरवरी (एजेंसी) मुगल शहंशाह शाह आलम द्वितीय के दरबारी नवाब कासिम जान के एक पड़पोते  नावेद यार खान को दिल्ली की एक अदालत ने अपनी पैतृक सम्पत्ति में से अपनी बीमार बहन का हिस्सा बेचने से रोक दिया है। गौरतलब है कि शहंशाह शाह आलम द्वितीय ने 1728..1806 तक शासन किया था और नवाब कासिम जान उनके दरबारी थे। 
नबाब कासिम जान के पड़पोते अभी भी पुरानी दिल्ली के बल्लीमारान में अपने पैतृक घर में रह रहे हैं। 
अतिरिक्त वरिष्ठ दीवानी न्यायाधीश एन के मल्होत्रा ने दिवंगत नवाब सुल्तान यार खान के पुत्र नावेद यार खान को अपनी बहन की सम्पत्ति बेचने की अनुमति दिये जाने से इंकार कर दिया। 
अदालत ने नावेद यार खान की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें एक दीवानी अदालत द्वारा 16 दिसंबर को दिये गए आदेश के तहत उनपर सम्पत्ति बेचने पर रोक लगाने के अंतरिम आदेश को हटाने की मांग की गई थी। 

मिर्जा गालिब के दूर के रिश्तेदार नावेद यार खान ने अतिरिक्त वरिष्ठ दीवानी न्यायाधीश की अदालत में निचली दीवानी अदालत के आदेश को चुनौती दी थी जिसमें उन्हें अपनी 55 वर्षीय बहन रूबिना सुल्तान के हिस्से की सम्पत्ति बेचने से रोक दिया गया था। रूबिना मस्तिष्क पक्षाघात से पीड़ित हैं। 
निचली दीवानी अदालत ने दिवंगत नवाब की सम्पत्ति के पांच अन्य उत्तराधिकारियों की याचिका पर नावेद यार खान के रूबिना की सम्पत्ति बेचने पर रोक लगा दी।

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