THE HIMALAYAN TALK: PALASH BISWAS TALKS AGAINST CASTEIST HEGEMONY IN SOUTH ASIA

THE HIMALAYAN TALK: PALASH BISWAS TALKS AGAINST CASTEIST HEGEMONY IN SOUTH ASIA INDIA AGAINST ITS OWN INDIGENOUS PEOPLES

PalahBiswas On Unique Identity No1.mpg

Monday, May 20, 2013

मारूति सुजुकी मज़दूरों और उनके परिवार के सदस्‍यों पर बर्बर लाठी चार्ज!मारुति सुज़ूकी के मज़दूरों की गिरफ्तारी के ख़िलाफ़ दिल्ली में विरोध प्रदर्शन

मारूति सुजुकी मज़दूरों और उनके परिवार के सदस्‍यों पर बर्बर लाठी चार्ज


Protest against the arrest of Maruti workers

अभी सूचना मिली है कि कुछ मिनटों पहले ही कैथल में 18 मई की रात नाजायज़ तरीके से गिरफ्तार किये गये 96 मज़दूरों, पहले से गिरफ्तार 147 मजदूरों और मारूति सुजुकी कम्पनी द्वारा निकाले गये 540 मज़दूरों को इंसाफ दिलाने के लिये प्रदर्शन कर रहे मारूति सुजुकी मज़दूरों और उनके परिवार के सदस्‍यों पर हरियाणा पुलिस ने बर्बर लाठी चार्ज किया है।

बिगुल मज़दूर दस्ता से जुड़े अभिनव सिन्हा ने बताया कि प्रदर्शनकारियों पर बेतहाशा आँसू गैस के गोले और वॉटर कैनन का भी इस्‍तेमाल किया गया है। प्रदर्शन में शामिल कई महिलाओं को गम्भीर चोटें आयी हैं। ये मज़दूर पिछले 57 दिन कैथल में अपना शांतिपूर्ण धरना जारी रखे हुए थे। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा सरकार खुल कर पूँजी की ताक़तों के पक्ष में सामने आ गयी और मारूति सुजुकी प्रबन्धन की हितों की सेवा करते हुये उसने प्रदर्शन का बर्बर दमन किया।.

इस घटना के विरोध में कल सोमवार 20 मई को बिगुल मज़दूर दस्ता दिल्ली में जन्तर-मन्तर पर प्रदर्शन करेगा।

मारुति सुज़ूकी के मज़दूरों की गिरफ्तारी के ख़िलाफ़ दिल्ली में विरोध प्रदर्शन


नई दिल्ली,19 मई। कैथल, हरियाणा में मारुति मज़दूरों के शांतिपूर्ण धरने के दौरान 130 से ज़्यादा मज़दूरों की जबरन गिरफ्तारी के खि़लाफ दिल्ली के हरियाणा भवन पर रविवार को विभिन्न संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया।

विभिन्न संगठनों के सदस्यों और प्रगतिशील बुद्धिजीवियों समेत करीब 100 लोगों ने यहाँ एक विरोध मार्च निकाला। इस घटना की निन्दा करते हुये बिगुल मज़दूर दस्ता के नवीन ने कहा कि इस गिरफ्तारी ने सरकार के मज़दूर विरोधी रवैये को साफ कर दिया है। नवीन ने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में जहाँ कही भी मज़दूर संघर्ष कर रहे हैं, उनका बर्बर दमन किया जा रहा है। ऐसे में आज मज़दूरों की व्यापक फौलादी एकता की जरूरत है।

इंकलाबी मज़दूर केन्द्र के हरीश ने कहा कि इस कार्रवाई का पुरज़ोर विरोध होना चाहिये। उन्होंने कहा कि संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक मज़दूरों पर दमन नहीं रूकता।

विभिन्न संगठनों ने इस घटना के सन्दर्भ में माँगों को लेकर मुख्यमन्त्री के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा। इस विरोध प्रदर्शन में शामिल संगठन थे – बिगुल मज़दूर दस्ता, इंकलाबी मज़दूर केन्द्र, स्त्री मज़दूर संगठन, क्रालोस, श्रमिक संग्राम कमेटी, आइसा, दिशा छात्र संगठन, रेडिकल नोट्स, डी.एस.यू और के.एन.एस आदि।

No comments:

Post a Comment

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...