THE HIMALAYAN TALK: PALASH BISWAS TALKS AGAINST CASTEIST HEGEMONY IN SOUTH ASIA

THE HIMALAYAN TALK: PALASH BISWAS TALKS AGAINST CASTEIST HEGEMONY IN SOUTH ASIA INDIA AGAINST ITS OWN INDIGENOUS PEOPLES

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Saturday, May 4, 2013

रिश्वत मामले मे भांजे से पल्ला झाड़ा बंसल ने

Saturday, 04 May 2013 10:11

नयी दिल्ली । रेल मंत्री पीके बंसल ने रेलवे बोर्ड में कथित तौर पर एक शीर्ष ओहदा दिलाने के लिए रिश्वत लेने के मामले में अपने भांजे से कोई व्यावसायिक संबंध नहीं होने की बात कही।

रेल मंत्री पीके बंसल ने रेलवे बोर्ड में कथित तौर पर एक शीर्ष ओहदा दिलाने के लिए रिश्वत लेने के मामले में सीबीआई द्वारा बीती रात गिरफ्तार किए गए अपने भांजे से दूरी बनाते हुए आज कहा कि उसके साथ उनके कोई व्यावसायिक संबंध नहीं हैं और उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है ।
पिछले साल अक्तूबर में रेल मंत्री बने 64 वर्षीय बंसल ने एक बयान में दावा किया कि उन्होंने सार्वजनिक जीवन में हमेशा ईमानदारी के उच्चतम मानकों का पालन किया है और कोई भी उनके फैसलों को प्रभावित नहीं कर सकता ।
उन्होंने मामले में त्वरित सीबीआई जांच की मांग की ।
बंसल ने बयान में कहा, ''चंडीगढ़ में मेरी बहन की कंपनी पर सीबीआई छापे से जुड़ी कल की घटना के संदंर्भ में मैं कहना चाहता हूं कि मामले के बारे में मेरे पास कोई जानकारी या सबूत नहीं है । कोई करीबी रिश्तेदार, वह या मेरा कोई अन्य रिश्तेदार मेरे आधिकारिक कामकाज में दखल नहीं देता और न ही दे सकता और न ही मेरे फैसलों को प्रभावित कर सकता है । उसके और मेरे परिवार के बीच कोई व्यावसायिक संबंध भी नहीं हैं ।''
उन्होंने कहा, ''मैंने सार्वजनिक जीवन में हमेशा ईमानदारी के उच्चतम मानकों का पालन किया है और मैं मामले में सीबीआई द्वारा त्वरित जांच किए जाने की उम्मीद करता हूं ।''
बंसल के भांजे वी. सिंगला को सीबीआई ने कल गिरफ्तार किया था । सीबीआई ने रेलवे बोर्ड में शीर्ष स्तर का ओहदा दिलाने के लिए 90 लाख रूपये की कथित रिश्वत के मामले में रेलवे बोर्ड के एक सदस्य को भी गिरफ्तार किया है ।
सिंगला को हाल में मेम्बर :स्टाफ: के रूप में पदोन्नत हुए और मेम्बर :इलेक्ट्रिकल: जैसा लाभप्रद ओहदा हासिल करने की कोशिश कर रहे महेश कुमार के वाहक मंजूनाथ से कथित तौर पर 90 लाख रूपये की रिश्वत स्वीकार करने के मामले में गिरफ्तार किया गया था ।
सीबीआई की एक टीम ने कुमार को विमान से दिल्ली से मुम्बई पहुंचते ही गिरफ्तार कर लिया । एजेंसी ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता के तहत मामला दर्ज किया है ।
केंद्रीय जांच एजेंसी ने मामले में संदीप गोयल को भी गिरफ्तार किया है जो कथित तौर पर दलाली में सहायता करता था ।
कुमार पश्चिमी रेलवे के महाप्रबंधक थे और गत दिनों उन्हें रेलवे बोर्ड के सदस्य के रूप में पदोन्नत किया गया था । यह पद भारत सरकार में सचिव के पद के बराबर होता है ।

रेल मंत्री ने हालांकि, इस मामले में अब तक किसी विभागीय जांच का आदेश नहीं दिया है ।
सरकार ने हाल में सुबोध जैन को रेलवे बोर्ड में सदस्य इंजीनियरिंग, महेश कुमार को सदस्य कार्मिक और अरूणेन्द्र कुमार को सदस्य यांत्रिक नियुक्त किया था । बोर्ड में सदस्य यातायात का पद अभी भरा जाना हे । 
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और रेलवे बोर्ड में वित्तायुक्त अगले महीने सेवानिवृत्त हो रहे हैं और समूचे रेलवे बोर्ड में नए चेहरों के दिखाई देने की उम्मीद है ।

 

घूसखोरी में रेल मंत्री का भांजा गिरफ्तार

नई दिल्ली । सरकार में शीर्ष स्तर के पद पर तैनाती के बदले में 90 लाख रुपए के कथित रिश्वत के सनसनीखेज मामले में रेल मंत्री पवन कुमार बंसल के भांजे को शुक्रवार को सीबीआइ ने गिरफ्तार कर लिया। सीबीआइ ने इसके साथ ही रेलवे बोर्ड के एक सदस्य को भी गिरफ्तार किया। वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि बंसल के भांजे वी सिंगला को चंडीगढ़ में महेश कुमार के आदमी मंजूनाथ से 90 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। कुमार को हाल में ही सदस्य (स्टाफ) के तौर पर पदोन्नत किया गया था और वे सदस्य (इलेक्ट्रिकल) का मलाईदार पद हासिल करने के लिए जोड़-तोड़ कर रहे थे।
सीबीआइ के एक दल ने मुंबई में दिल्ली से आ रहे विमान से उतरने के तुरंत बाद गिरफ्तार किया। सीबीआइ ने भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम और आइपीसी के तहत उनके खिलाफ मामला दर्ज किया है। इसके अलावा एजंसी ने एक अन्य व्यक्ति संदीप गोयल को भी गिरफ्तार किया है। उसने कथित तौर पर सौदा कराने में मदद की। बार-बार संपर्क करने की कोशिश के बावजूद राष्ट्रीय राजधानी में मौजूद बंसल मीडिया से बचते रहे।
अधिकारियों ने बताया कि सीबीआइ ने दिल्ली, चंडीगढ़ और अन्य शहरों में छापेमारी की। एजंसी ने कुमार की गतिविधियों और फोन कॉल पर नजर रखी और रिश्वत के भुगतान के समय सिंगला को दबोच लिया। सिंगला और मंजूनाथ को शहर में सीबीआइ के दफ्तर लाया गया जहां उन्हें हिरासत में रखा गया है। कुमार पश्चिम रेलवे में महाप्रबंधक थे और उन्हें हाल में सदस्य रेलवे बोर्ड के तौर पर पदोन्नत किया गया था। यह पद भारत सरकार के सचिव के समतुल्य है। अधिकारियों ने बताया कि सीबीआइ ने कुमार और सिंगला के अलावा गोयल और मंजूनाथ पर भी भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम और आइपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। 

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