THE HIMALAYAN TALK: PALASH BISWAS TALKS AGAINST CASTEIST HEGEMONY IN SOUTH ASIA

THE HIMALAYAN TALK: PALASH BISWAS TALKS AGAINST CASTEIST HEGEMONY IN SOUTH ASIA INDIA AGAINST ITS OWN INDIGENOUS PEOPLES

PalahBiswas On Unique Identity No1.mpg

Monday, September 9, 2013

मुहम्मद यूनुस के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का आदेश

मुहम्मद यूनुस के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का आदेश

बांग्लादेश सरकार ने देश में लघु ऋण (माइक्रो फिनांस) के क्षेत्र में क्रांति लाने की खातिर नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित मुहम्मद यूनुस के खिलाफ सोमवार को कानूनी कार्रवाई का आदेश दिया। यूनुस पर आरोप है कि उन्होंने विदेशी स्रोतों से हुई अपनी आय पर करों में छूट का दावा किया, पद का दुरूपयोग किया और विदेश यात्रा से जुड़े नियमों को तोड़ा।

प्रधानमंत्री शेख हसीना की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक के बाद कैबिनेट सचिव मुशर्रफ हुसैन भुइयां ने संवाददाताओं को बताया कि कैबिनेट ने फैसला किया कि राष्ट्रीय राजस्व बोर्ड (एनबीआर) और बांग्लादेश बैंक का बैंकिंग डिवीजन यूनुस के खिलाफ अलग-अलग मुकदमे दायर कर सकते हैं।

कैबिनेट सचिव ने कहा कि ग्रामीण बैंक से ग्रामीण कल्याण कोष में धन अंतरित कर के यूनुस ने ग्रामीण बैंक अध्यादेश का उल्लंघन किया क्योंकि छोटे कर्ज देने वाले बैंक सिर्फ भूमिहीन लोगों को कर्ज दे सकते हैं। ग्रामीण कल्याण ग्रामीण बैंक का एक सहयोगी संगठन है।

देश के शीर्ष नौकरशाह ने यह भी बताया कि कैबिनेट ने फैसला किया कि यदि जरूरत हुई तो कानून मंत्रालय राजस्व बोर्ड और केंद्रीय बैंक को विधिक सहायता मुहैया कराएगी। बहरहाल, भुइयां ने यह नहीं बताया कि यूनुस को किस तरह सरकारी या लोक सेवक माना जाएगा। हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि सरकारी हिस्सेदारी वाले ग्रामीण के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी के तौर पर नियुक्ति के नाते उन्हें सरकारी अधिकारी माना जाना चाहिए।

सरकार को राष्ट्रीय राजस्व बोर्ड (एनबीआर) की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद कैबिनेट की बैठक में यूनुस के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का फैसला किया गया। एनबीआर ने पिछले साल 2 अगस्त के बाद से युनूस को विदेशी स्रोतों से प्राप्त आय की जांच की थी।

प्रधानमंत्री शेख हसीना द्वारा यूनुस की गतिविधियों और ग्रामीण बैंक के प्रबंध निदेशक के तौर पर उनके कार्यकाल के आखिरी सालों में उनकी ओर से किए गए वित्तीय लेन-देन की जांच के आदेश दिए जाने के करीब एक साल बाद एनबीआर की रिपोर्ट आयी है। डेली स्टार अखबार की रिपोर्ट में बताया गया है कि सरकार का मानना है कि एक लोक सेवक के तौर पर काम करते हुए यूनुस ने विदेशी स्रोतों से हुई अपनी आय पर गैर-कानूनी तरीके से करों में छूट की सुविधा प्राप्त की। 

हालांकि, 73 साल के यूनुस ने अपने उपर लगे इन आरोपों को खारिज किया कि उन्होंने सरकारी अनुमति के बिना अपनी निजी हैसियत से विदेशी मुद्रा प्राप्त कर गैर-कानूनी आय हासिल की है। यूनुस के सचिवालय युनूस सेंटर की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि प्रोफेसर यूनुस को पुरस्कार में मिले धन, भाषणों की एवज में दी गयी फीस, और उनकी किताबों के प्रकाशन और दुनिया भर में उनकी बिक्री से मिले धन हमेशा उचित बैंकिंग माध्यमों से बांग्लादेश आए हैं।

No comments:

Post a Comment

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...